
सैकड़ों परिवारों को लौटाई खुशियां: प्रवीण शर्मा की संवेदनशील पहल से बलिया की नाबालिग सुरक्षित घर पहुंची
खंडवा//
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 16 वर्षीय नाबालिग, माता-पिता से विवाद के बाद घर छोड़कर मुंबई काम की तलाश में जा रही थी, जिसे खंडवा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित रोका गया। पवन एक्सप्रेस से यात्रा के दौरान मिली नाबालिग को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सहयोग करते हुए बाल संरक्षण तंत्र तक पहुंचाया।
पूछताछ में सामने आया कि पारिवारिक विवाद के चलते नाबालिग बिना बताए घर से निकल गई थी। उसके पिता फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में न्यायपीठ द्वारा संवेदनशील काउंसलिंग की गई, जिसके बाद नाबालिग ने घर लौटने की सहमति जताई।
इसके पश्चात समिति ने परिजनों को खंडवा बुलाकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण की और नाबालिग को सुरक्षित रूप से माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का उदाहरण
प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बाल कल्याण समिति लगातार ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उनकी संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते अब तक सैकड़ों परिवारों को खुशियां लौटाई जा चुकी हैं।
सदस्यों का सराहनीय सहयोग
इस प्रकरण में समिति सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल का विशेष सहयोग रहा।
सुरक्षित बचपन की दिशा में पहल
न्यायपीठ बाल कल्याण समिति की तत्परता से नाबालिग को समय रहते संरक्षण मिला और उसे सुरक्षित वातावरण में परिजनों से मिलाया जा सका, जो बाल संरक्षण तंत्र की प्रभावशीलता का उदाहरण है।










